Saturday, December 3, 2016

सोना

सोना भी अब 'सर्जिकल' का हो गया शिकार,
बंद हो गई प्यार से बीवी की मनुहार।
बीवी की मनुहार चाहिए कंगन - बाली,
वर्षगांठ हो यार चहे होली - दीवाली।
हम भारत के लोग झेलते एकै रोना,
घरवाली ललचाय देखकर हरदम सोना।
- ओमप्रकाश तिवारी

Tuesday, April 19, 2016

फायरिंग

ऊँ
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गोली चले बरात में होयं बराती ढेर, 
फूफा-मामा हैं बने लिए दुनाली शेर।
लिए दुनाली शेर दनादन करते फायर,
सिर पे पगड़ी बांध बने हैं जनरल डायर। 
हम भारत के लोग जायं लेने को डोली, 
पर दिखलाते शान चलाकर पहले गोली। 
- ओमप्रकाश तिवारी 

Sunday, April 17, 2016

तालाब

ऊँ
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दादा के खोदे सभी पाट दिए तालाब, 
मंगवाते हैं ट्रेन से अब पीने को आब।
अब पीने को आब चली यदि यही कहानी,
लाएगा तब प्लेन टेम्स नदिया का पानी। 
हम भारत के लोग प्रगति कर बैठे ज्यादा,
तभी स्वर्ग में आज दुखी भागीरथ दादा।
- ओमप्रकाश तिवारी