ऊँ
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गोली चले बरात में होयं बराती ढेर,
फूफा-मामा हैं बने लिए दुनाली शेर।
लिए दुनाली शेर दनादन करते फायर,
सिर पे पगड़ी बांध बने हैं जनरल डायर।
हम भारत के लोग जायं लेने को डोली,
पर दिखलाते शान चलाकर पहले गोली।
- ओमप्रकाश तिवारी
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